नशीली है नज़र उनकी नज़रिया भी शराबी है

......📕✍🏻

नशीली है नज़र उनकी
नज़रिया भी शराबी है

है सूरत चाँद सी उनकी
बदन उनका ग़ुलाबी है
नशीली है नज़र उनकी
नज़रिया भी शराबी है

अजन्ता की वो मूरत है
तसव्वुर है वो शायर का
गज़ल सा है नूर उनमें
गज़ब चेहरा किताबी है

तितलियाँ सी दो पलकें हैं
थिरकती हैं मचलती हैं
लरज़ते सुर्ख़ दो लब हैं
नज़ारा क्या शबाबी है

जिसे वो घूर कर देखें
वो सब कुछ भूल जाता है
खड़ा बुत बन के है देखो
इशारा क्या ज़वाबी है

न जाने क्या हुआ उनको
मिले हम से जब वो
रख सीने पे सर वो बोलें
तेरे दिल में ख़राबी है

💔💔

Favorite Posts