तुम आओ तो जरा बता देना

तुम आओ तो जरा
बता देना
मैं थोड़ा घर अपना
सजा दूँगा
बहुत कांटे चुभते है
तन्हाई के
इस राह में मुझे पर
तुम आओ तो जरा
बता देना
मैं कुछ फूल यादों के
बिछा दूँगा
ये रास्ते,ये दरख़्त
ये फूलों की महक
ये मायूस सी हवाएँ
ये परिदों की चहक
सभी तो
इंतज़ार में है तुम्हारे
पता पूछने की
जरूरत नही तुम्हें
ये घर तक छोड़ जायेंगे
तुम बस
इन्हें अपना नाम जरा
बता देना .

तुम आओ तो जरा
बता देना....

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