तिनको का आशियाँ था, पल में उजड़ गया

तिनको का आशियाँ था, पल में उजड़ गया
दिल जैसा नशेमन था, टूटकर बिखर गया

ये फूल सुनाते हैं लोगों के जुल्म को
जो जिंदगी न दे सके, वह मौत दे गया

अब जाके कहाँ ढूंढे ऐ पेड़ तेरे छाँव
तुझे काटकर यह बेरहम मकान बन गया

हम माँगकर पी लेते थे जिनके यहाँ शराब
वो मुझसे बिना पूछे मेरा खून पी गया

✋🏻💔😢

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